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बार बार पेशाब आना – जानिठइसके 6 कारण
बार बार पेशाब आना à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ चीज़ है जो हम अकà¥à¤¸à¤° नज़रअंदाज़ करते है यह सोच कर कि यह तो à¤à¤• मामूली बात है | ख़ास तौर पर बà¥à¤œà¤¼à¥à¤°à¥à¤— लोग यह मानते है की बार बार पेशाब आना बढ़ती उमà¥à¤° का à¤à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• परिणाम है | परनà¥à¤¤à¥ यह सही नहीं है |
बार बार पेशाब अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पानी या अनà¥à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥ पीने से आ सकती है परनà¥à¤¤à¥ जब इन सà¤à¥€ कारणों की ग़ैरमौजूदगी में à¤à¥€ यह होता है तब यह किसी गंà¤à¥€à¤° परेशानी का संकेत हो सकती है |
सीताराम à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾ के डॉ. कारà¥à¤¤à¤¿à¤•ेय कोहली का कहना हैं – “आम तौर पर इंसान दिन में लगà¤à¤— 4 से 7 बार पेशाब करता है और कà¥à¤²à¤®à¤¿à¤²à¤¾à¤•र केवल 2 से 3 लीटर पेशाब शरीर से बाहर जाता है | परनà¥à¤¤à¥ अगर कोई दिन में 6 से अधिक बार पेशाब करने लगे और हर बार सामानà¥à¤¯ से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब निकले तो उस सà¥à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ में हम कह सकते हैं कि वह बार बार पेशाब आने की परेशानी (frequent urination) से जूठरहा है | इस सà¥à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ में अकà¥à¤¸à¤° रात के समय à¤à¥€ बार बार पेशाब आता है (nocturia)|â€
बार बार पेशाब आना à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ परेशानी है जिस पर वैसे तो हम ग़ौर नहीं करते हैं परनà¥à¤¤à¥ यह हमारे रोज़मरà¥à¤°à¤¾ के जीवन को असà¥à¤¤-वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखता है |
“बार बार पेशाब आने के कारण न तो आप सà¥à¤•ून से बाहर जा सकते हैं और न तो रात को चैन की नींद ले पातें हैं | इसीलिठज़रूरी है कि à¤à¤¸à¥‡ समय में आप शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी से डरने की बजाय किसी अचà¥à¤›à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मदद लें |â€
अगर आप बार बार पेशाब आने के साथ-साथ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ जूठरहें हैं तो अवशà¥à¤¯ मेडिकल सहायता लें –
पेशाब में खून का मिलना (blood in urine)
पेशाब करते वक़à¥à¤¤ जलन या दरà¥à¤¦ महसूस होना
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ और बगल में दरà¥à¤¦ होना
पूरी तरह से बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° खाली करने में नाकामयाब होना
अचानक से पेशाब करने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾ होना
पेशाब को बिलकà¥à¤² न रोक पाना
बार बार पेशाब आना – कà¥à¤¯à¤¾ है इसके कारण ?
बार बार पेशाब आना किसी à¤à¥€ वजह से उपà¥à¤¤à¤¨à¥à¤¨ हो सकता है | यह या तो ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चाय, कॉफ़ी या शराब का सेवन जैसी मामूली वजह से या फिर किसी गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी परेशानी से हो सकता है|
आइठबार बार पेशाब आने के हर कारण से रूबरू होते है |
1. पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ का बढ़ना – Prostate Enlargement (BPH)
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में बार बार पेशाब आना पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ गà¥à¤°à¤‚थि के बढ़ने का संकेत हो सकता है | BPH 50 से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ के उमà¥à¤° के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में होने वाली à¤à¤• आम परेशानी है |
“पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ गà¥à¤°à¤‚थि है जो बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में, मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— के आसपास सà¥à¤¤à¤¿à¤¥ है | यह गà¥à¤°à¤‚थि जीवनà¤à¤° बढ़ती जाती है परनà¥à¤¤à¥ जब वह अधिक से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ी होने लगती है तब वह मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— पर दबाव डालती है और पेशाब की धारा को रोक देती है |â€
बार बार पेशाब आने के अलावा à¤à¥€ इसके कई और लकà¥à¤·à¤£ है जैसे कि –
अचानक से पेशाब करने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾ होना
रात को 2 से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार पेशाब करना
पेशाब की धारा का पतला हो जाना
पेशाब करते करते उसका अचानक से रà¥à¤• जाना
पेशाब निकालने के लिठज़ोर लगाना
अगर इस बीमारी को जलà¥à¤¦à¥€ पहचान लिया जाठतो इसको दवाइयों से ठीक किया जा सकता है | परनà¥à¤¤à¥ समय के साथ-साथ जब पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ बढ़ता चला जाता है तब उसको सरà¥à¤œà¤°à¥€ से छोटा करना पड़ सकता है |
2. किडनी या यूरेटà¥à¤°à¤¿à¤• सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨
बार बार पेशाब आने का à¤à¤• आम कारण है किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ या किडनी में पथरी होना |
डॉ. कारà¥à¤¤à¤¿à¤•ेय कहतें हैं – “शरीर में किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ बनने का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है कम मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना | कम पानी पीने के कारण पेशाब गाढ़ा हो जाता है जिससे यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (uric acid) और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ (calcium oxalate) के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ बनने लगते है | ये कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ आपस में चिपक जाते है और सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ बनाते है|â€
“अगर समय पर किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का इलाज न कराया जाठतो ये सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ बड़े होने लगते हैं | ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक शरीर में रहने पर ये मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ या यà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤° (ureter) में जाकर फस सकते है (पेशाब की नली में पथरी का इलाज)| यह à¤à¤• आपातकालीन समसà¥à¤¯à¤¾ होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि फिर ये सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ पेशाब की धारा को रोक देती है जिससे पेशाब बाहर नहीं निकल पाती |â€
जहाठतक किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के इलाज का सवाल है, वह उसके माप पर निरà¥à¤à¤° करता है | अगर पथरी छोटे माप की है तो आप ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पी कर उस सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ को आराम से पेशाब दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शरीर से बाहर निकाल सकते हैं | परनà¥à¤¤à¥ अगर वह थोड़े बड़े माप का है तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है |
3. मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ – Urinary Tract Infection (UTI)
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ महिलाओं में काफी आम है लेकिन यह इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ हो सकता है | इस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ है बार बार पेशाब आना और जलन होना |
पर मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होता कैसे है ?
– “जब मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— के किसी हिसà¥à¤¸à¥‡ में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ इकठà¥à¤ ा हो जाता है तब उस हिसà¥à¤¸à¥‡ में सूजन और जलन होने लगती है | इससे इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने लगता है | जब ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मूतà¥à¤°à¤¨à¤²à¥€ में सूजन पैदा करते है तब उसको urethritis कहते है | और जब ये बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° तक पहà¥à¤à¤š जाते है तो उस बीमारी को cystisis कहते है |â€
“ये इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ तक à¤à¥€ पहà¥à¤à¤š सकते है जिसके बाद वे वहाठपर सूजन करते है | इसको prostatitis कहते है |â€
परनà¥à¤¤à¥ इस बीमारी में घबराने की कोई बात नहीं है | UTI à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लेने से ठीक हो जाती है | बस आगे चल कर मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ को रोकने के लिठज़रूरी है की आप à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हाइजीन का पालन करें |
4. डायबिटीज (Diabetes)
बार बार पेशाब आना और हर बार अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पेशाब करना डायबिटीज या मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं | आइठइस बीमारी के बारे में थोड़ा विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते है |
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सिलà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥ˆà¤°à¥€à¤¨, सीताराम à¤à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾ के Consultant Diabetologist और Endocrinologist, कहतीं हैं – “डायबिटीज à¤à¤• कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बीमारी है जो कà¤à¥€ à¤à¥€ किसी को à¤à¥€ हो सकती है | इस बीमारी में पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸, जो हमारे शरीर का à¤à¤• अंग है, उचित मातà¥à¤°à¤¾ में इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ नहीं बना पाता है जिसके कारण रकà¥à¤¤ में शà¥à¤—र यानि गà¥à¤²à¥‚कोस की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है | यह शरीर को गंà¤à¥€à¤° रूप से हानि पहà¥à¤‚चाता है |â€
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से पीड़ित लोगों को रात को 3 से 4 बार पेशाब आने लगता है और जहाठतक बात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की है, तो पेशाब होने के लकà¥à¤·à¤£ न होने की वजह से वे अकà¥à¤¸à¤° बिसà¥à¤¤à¤° गीला कर देते है |
इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ नामक हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का हमारे शरीर में कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‚मिका है ?
“जब हम खाना खाते है, तब हमारा शरीर इस खाने को गà¥à¤²à¥‚कोस यानि शà¥à¤—र में तोड़ता है जिसको फिर शरीर की कोशिकाà¤à¤ सोख लेतीं हैं | इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है | इस कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के सही चालन के लिठज़रूरी होता है कि पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸ समय-समय पर इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाठजो गà¥à¤²à¥‚कोस को कोशिकाओं के अंदर पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ में मदद करता है ताकि वे ऊरà¥à¤œà¤¾ बना सकें | जब पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¸ उचित मातà¥à¤°à¤¾ में इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ नहीं बना पाता तब रकà¥à¤¤ में गà¥à¤²à¥‚कोस की मातà¥à¤°à¤¾ असामानà¥à¤¯ रूप से बढ़ जाती है |â€
सोचने वाली बात यह है की डायबिटीज के कारण कैसे बार बार पेशाब आ सकता है |
इसके लिठहमे यह समà¤à¤¨à¤¾ होगा कि हमारी किडà¥à¤¨à¥€à¤¸ काम कैसे करतीं हैं |
हमारे किडà¥à¤¨à¥€à¤¸ पेशाब बनाते वक़à¥à¤¤ रकà¥à¤¤ में मौजूद अतिरिकà¥à¤¤ शà¥à¤—र वापस से सोख कर रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में डाल देते हैं | कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डायबिटीज में रकà¥à¤¤ में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है, इससे किडà¥à¤¨à¥€à¤¸ पर à¤à¤¾à¤°à¥€ दबाव पड़ता है और वे पूरी तरह से अतिरिकà¥à¤¤ शà¥à¤—र को सोख नहीं पाते हैं | इसके कारण अतिरिकà¥à¤¤ शà¥à¤—र पेशाब दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकल आता है परनà¥à¤¤à¥ इस दौरान यह शरीर से काफी सारा पानी à¤à¥€ चूस लेता है जिससे अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पेशाब निकलने लगता है |
“इस सà¥à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ में आपको पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगने लगती है जिससे पानी का सेवन बढ़ जाता है | यह à¤à¥€ बार बार पेशाब आने में मजबूर कर देता है |â€
“आवशà¥à¤¯à¤• है कि डायबिटीज से जूठरहा हर इंसान नियमित रूप से अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक अगर इसको नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ न किया जाठतो यह किडनी फेलियर का कारण बन सकता है |â€
5. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
गरà¥à¤ धारण करने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ à¤à¤• औरत के शरीर में कई अनोखे बदलाव होते हैं और इन बदलावों के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बार बार पेशाब आना जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का सामना करना पड़ता है | महिलाओं को बार बार पेशाब आना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है |
परनà¥à¤¤à¥ इसका कà¥à¤¯à¤¾ कारण है ?
सीताराम à¤à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾ की अनà¥à¤à¤µà¥€ Gynecologist -Obstetrician,डॉ पञà¥à¤šà¤®à¤ªà¥à¤°à¥€à¤¤ कौर , कहतीं हैं “गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बार बार पेशाब आना कई कारणों से हो सकता है | सबसे पहले तो यह है कि इस समय शरीर में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸, जैसे कि HcG और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨, बनने लगते है | ये हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब बनने का कारण होते है |â€
दूसरा कारण है – जैसे जैसे बढ़ते बचà¥à¤šà¥‡ के लिठजगह बनाने के लिठगरà¥à¤ फैलने लगता है, वह बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° को नीचे ढकेलने लगता है और उस पर दबाव डालने लगता है | à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° छोटा हो जाता है और ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब जमा नहीं कर पाता है जिसकी वजह से महिलों को जलà¥à¤¦à¥€ जलà¥à¤¦à¥€ पेशाब करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है |
“और à¤à¤• कारण यह à¤à¥€ हो सकता है कि गरà¥à¤ धारण करने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ शरीर में रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ लगà¤à¤— 50% से बढ़ जाती है | ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रकà¥à¤¤ होने की वजह किडà¥à¤¨à¥€à¤¸ अतिरिकà¥à¤¤ फà¥à¤²à¥à¤‡à¤¡ संसाधित करने लगते है जिससे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब बनता है |â€
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (UTI) की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ बढ़ जाती है | à¤à¤¸à¥‡ में कई बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जांच कराते है ताकि पता चल सके की बार बार पेशाब आना कहीं उसका लकà¥à¤·à¤£ तो नहीं |
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यह परेशानी कम की जा सकती है ?
डॉ पञà¥à¤šà¤®à¤ªà¥à¤°à¥€à¤¤ कौर कहतीं हैं – “जी हाठबिलकà¥à¤² | बस आपको कà¥à¤› उपाय अपनाने पड़ते है जैसे कि – चाय-कॉफ़ी जैसे तरल पदारà¥à¤¥ का कम सेवन करना, पेशाब आने पर तà¥à¤°à¤‚त कर देना, उसको रोक के न रखना और हर बार बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° को पूरी तरह से खली कर देना |â€
6. अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° (Overactive bladder)
à¤à¤• बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° को अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° तब कहा जाता है जब आप इनमे से किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का सामना करते है –
बार बार पेशाब आना
अचानक से पेशाब करने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾ होना
पेशाब आने पर उसको रोक न पाना और उसका बाहर निकल आना (urine leakage)
“अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जो सही इलाज न कराने पर à¤à¤• इंसान के जीवन को असà¥à¤¤-वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ कर सकता है | यह उसके यौन-संबंध और रात की नींद पर बà¥à¤°à¤¾ असर à¤à¥€ डाल सकता है |â€
“और यह सोचना बिलकà¥à¤² सही नहीं है कि बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° का अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होना बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ का à¤à¤• आम पड़ाव है | यह à¤à¤• बीमारी है जिसकी जांच और इलाज कराना अनिवारà¥à¤¯ है |â€
जब बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° की मांसपेशियाठउसके पूरी तरह न à¤à¤¡à¤¼ के बावजूद अपने आप अचानक से ही सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ लगतीं हैं, तब इंसान को अचानक से पेशाब करने की इचà¥à¤›à¤¾ होने लगती है और उसको बार बार पेशाब करना पड़ता है |
“यह कई कारणों से हो सकता है जैसे कि शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ की मांसपेशियों का कमज़ोर हो जाना जिससे बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° अपनी जगह से नीचे उतरने लगता है (prolapse)|â€
सà¥à¤–द खबर यह है कि आप जीवनशैली में कà¥à¤› आसान से बदलाव करके इस बीमारी को मैनेज कर सकते है जैसे कि –
उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ और पीने की चीज़ों से दूर रहना जिससे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब बनता है जैसे की चाय, कॉफ़ी और शराब
ताज़ी फल-सबà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ अनाज (whole grains) का सेवन करना
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने के लिठविशेष पà¥à¤°à¤•ार के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना जैसे कि केगेल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
इनके अलावा दवाइयों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥€ बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° की अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ को कम किया जा सकता है जिससे बार बार पेशाब आना, अचानक से पेशाब की इचà¥à¤›à¤¾ होना और पेशाब को रोक न पाना जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाया जा सके |
याद रखें, जब कà¤à¥€ आपको बार बार पेशाब आने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो तो शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी के डर से इसको छà¥à¤ªà¤¾à¤à¤‚ नहीं | सही समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मदद लेने पर आप बार बार पेशाब आने से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकते है और अपने सामानà¥à¤¯ जीवन में आराम से वापस जा सकते है |
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